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शिव पार्वती और कामदेव (होली से जुड़ी पौराणिक कथा-भाग:2)
शिव पुराण के अनुसार हिमालय की पुत्री पार्वती शिव से विवाह हेतु कठोर तप कर रही थी और शिव भी तपस्या में लीन थे। इंद्र का भी शिव-पार्वती विवाह में स्वार्थ छिपा था कि ताड़कासुर का वध शिव-पार्वती के पुत्र द्वारा होना था। इसी वजह से इंद्र ने कामदेव को शिव की तपस्या भंग करने भेजा, परंतु शिव ने क्रोधित हो कामदेव को भस्म कर दिया। शिव की तपस्या भंग होने के बाद देवताओं ने शिव को पार्वती से विवाह के राजी कर लिया। इस कथा के आधार पर होलीका दहन में काम की भावना को प्रतीकत्मक रूप से जला कर सच्चे प्रेम पर विजय के रुपमें उत्सव मनाया जाता हैं।

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